Posted by: BrajMohan Singh | December 10, 2010

बेताब दिल की तमन्ना है!!!

वो नज़रों की मासूमियत से देखना तेरा
अहिस्ता से पलकों का झुकना तेरा

उन चंद लम्हों में जुल्फों का झटकना तेरा
कोमल अदायगी से उन्हें संभालना तेरा

एक दीदार से होशवाले बेक़सूर, जो बिन महखाने गिरने लगते हैं
बे पर्दा होकर निकलने का दस्तूर तेरा, जो मन के स्वर गूंजने लगते हैं

एक शांत समुन्दर की लहरों का शोर हो तुम
किसी कवि की खूबसूरत रचना का छोर हो तुम

उस दिल की कोमल कशिश शायद एक इतेफाक है
हर एक दिल में तुझे पाने की फिराक है

जब कभी सादगी का ज़िक्र होता है
उस ज़िक्र में भी तेरा ही ज़िक्र होता है

खुशनसीबी का वो आलम क्या होता है
जब दिल की इबादत का अफसाना बयां होता है

खुदा की बनायीं कुदरत का एहसास होता है
जिसके एक दीदार के लिए सारा जहाँ होता है

ज़र्रे ज़र्रे की तलाश में दिल का हर पन्ना है
हर बेताब दिल की बस एक यही तमन्ना है!!

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Responses

  1. mind blowing

  2. nice one


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